बुधवार, 16 नवंबर 2016

चाहे कितने भी जिद्दी दो मुँहे, टेड़े-मेढ़े बाल ही क्यों ना हो, उसको भी टॉवर सा सीधा और हीरे सा चमकदार होना पड़ेगा

चाहे कितने भी जिद्दी दो मुँहे, टेड़े-मेढ़े बाल ही क्यों ना हो, उसको भी टॉवर सा सीधा और हीरे सा चमकदार होना पड़ेगा

प्याज का रस और शहद का मिश्रण :
  • एक कटोरी में 2 चम्मच शहद लें और इसमें एक चौथाई कप प्याज का रस डालें। इन दोनों को अच्छे से मिलाएं एवं सिर पर मसाज करते हुए धीरे धीरे लगाएं। बेहतरीन परिणामों के लिए इस प्रक्रिया का प्रयोग हफ्ते में 3 बार करें।
प्याज, ऑलिव ऑयल, नारियल तेल मिश्रण :
  • इस पैक को बनाने के लिये कुछ प्याज ले कर पीस लीजिये और उसका रस निकाल लीजिये। उसमें चम्मच ऑलिव ऑयल और नारियल तेल मिलाइये। इस मिश्रण को बालों में लगाइये, जड़ों में इस तेल को न लगाएं। इसे 2 घंटे तक लगा रहने के बाद शैंपू से धो लें। इस पैक को आप रोज लगा सकते हैं। 
प्याज, बियर और नारियल मिश्रण :
  • बियर और नारियल तेल के साथ प्याज के गूदे को मिलाइये और बालों में लगा लीजिये। इस मिश्रण को 1 घंटे तक बालों में रखना है इसके बाद शैंपू कर लेना है। इससे बलों में शाइन आएगी और वह घने दिखेगें।

मक्खी हो या मच्छर, चींटी हो या कॉकरोच ये आपके घर में कभी नही आएंगे अगर इन मेहमानों की विदाई इन अद्भुत उपाय से करोगे तो, जरूर पढ़े

मक्खी हो या मच्छर, चींटी हो या कॉकरोच ये आपके घर में कभी नही आएंगे अगर इन मेहमानों की विदाई इन अद्भुत उपाय से करोगे तो, जरूर पढ़े

1. कॉकरोच :
  • खाली कॉलिन स्प्रे की बोटल में नहाने वाली साबुन का घोल भर लें । कॉकरोच दिखने पर उनके ऊपर इसका स्प्रे कर दें । साबुन का यह घोल कॉकरोच को मार देता है । रात के समय सोने से पहले वॉशबेसिन आदि के पाईप के पास भी इस घोल का अच्छी मात्रा में स्प्रे कर देना चाहिये ऐसा करने से कॉकरोच नाली के रास्ते घर में अंदर नही घुस पायेंगे।
2. चींटी :
  • चींटी अगर घर में एक जगह बना लेती हैं तो जगह जगह से निकलने लगती हैं। चींटी के रास्ते बंद करने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि उनके निकलने की जगह पर एक दो स्लाईस कड़वे खीरे के रख दें। कड़वे खीरे की महक से चींटी दूर भागती हैं और जब उनके निकलने की जगह पर ही यह स्लाईस रखा होगा तो वे निकलेंगी ही नहीं। 
  • चींटियों के बिल के मुहाने पर लौंग फँसा कर रखदेने से चींटियॉ उस रास्ते का प्रयोग करना ही बंद कर देती हैं ।
3. मक्खियाँ
  • घर में उड़ने वाली मक्खियों से मुक्ति पाने के लिये नीम्बू का इस्तेमाल करना चाहिये । नीम्बू मक्खियों को दूर करने का बहुत कारगर उपाय है । घर में पोछा लगाते समय पानी में 2-3 नीम्बू का रस निचोड़ देना चाहिये । नीम्बू की महक से कई घण्टे तक मक्खियॉ दूर रहती हैं और घर में ताजगी का भी अहसास होता रहता है ।
4. मच्छर :
  • मच्छर भगाने के लिये कमरे मे नीम के तेल का दीपक सावधानी के साथ जलायें इसके अलावा ऑलआउट की खाली बोतल में भी नीम का तेल भरकर मशीन में लगाकर प्रयोग किया जा सकता है । जो कि पूरी तरह सुरक्षित है । 
6. घरेलु कीटों के इंफेक्शन से बचाव :
  • घर से सभी तरह के इंफेक्शन को खत्म करने के लिये आम की सूखी टहनी पर कपूर और हल्दी पाउडर दालकर सुलगाना चाहिये। इस दौरान छोटे बच्चों को ध्यान से आग से दूर रखना चाहिये। यह प्रयोग किसी बड़े के द्वारा ही किया जाना चाहिये। लगभग 12 इंच लम्बी टहनी को जलाना पर्याप्त होता है ।
ये सरल उपाय अपनायेंगे तो निश्चित ही आप अपने घर से कॉकरोच, मक्खी, मच्छर आदि अनचाहे मेहमानों को दूर रख सकते हैं और उनकी विदाई हमेशा के लिए कर दे। एक बार आजमा कर जरूर देखें।

रोज पिएं गुनगुने पानी में शहद और देखिये इसका कमाल ,पोस्ट शेयर करना ना भूले

रोज पिएं गुनगुने पानी में शहद और देखिये इसका कमाल ,पोस्ट शेयर करना ना भूले

वजन घटाने के लिए अक्सर लोग सुबह शहद के साथ गुनगुने पानी का सेवन करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं गरम पानी से साथ शहद पीने के कई और भी फायदे होते हैं। दिन की शुरुआत गुनगुने पानी में शहद डालकर पीने से वजन घटाया जा सकता है।
वजन घटाने के लिए अक्सर लोग सुबह शहद के साथ गुनगुने पानी का सेवन करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं गरम पानी से साथ शहद पीने के कई और भी फायदे होते हैं। शहद के साथ नींबू और गुनगुने पानी के नियमित सेवन से शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है। शहद और नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और कई पोषक तत्व शरीर को मौसम बदलने के साथ होने वाले संक्रमणों से दूर रखने में मदद रखता हैं।

त्‍वचा के लिए नींबू काफी फायदेमंद होता है, लेकिन इसके अलावा इसमें मौजूद क्‍लीजिंग तत्‍व रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है। नई रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करता है। पानी और शहद का मिश्रण आपकी त्वचा के लिए और ज्यादा फायदेमंद होती है। गुनगुने पानी में शहद डालकर पीने से एनर्जी लेवल भी काफी बढ़ता है। और दिनभर आप तरोताजा रहते हैं।
शहद पीने से आपकी पाचन क्रिया भी सही रहती है, इसके अलावा किडनी की कई बीमारियों से भी छुटकारा मिल सकता है।
आपको सिर्फ एक कप गुनगुने पानी में १ चम्मच शहद और एक चम्मच नीम्बू का रस मिलाकर रोज़ सुबह पीना है

बुजुर्गों द्वारा 101 % सफल घोषित एक ऐसी चमत्कारी दवाँ जो खोयी हुई ताकत दोबारा लौटा देती है, पोस्ट को एक बार ज़रूर पढ़ें

बुजुर्गों द्वारा 101 % सफल घोषित एक ऐसी चमत्कारी दवाँ जो खोयी हुई ताकत दोबारा लौटा देती है, पोस्ट को एक बार ज़रूर पढ़ें

बुजुर्गो ने कहा है की यदि पानी की भरी बोतल को उल्टा किया जाए तो पानी बड़ी जल्दी निकल जाता है, लेकिन शहद की भरी बोतल को उल्टा किया जाए तो वह बहुत देर में निकलेगा। ठीक यही हालात शीघ्रपतन की है। जिस व्यक्ति का वीर्य पतला होता है, वह स्त्री की तनिक सी हरकत से भी जल्दी स्खलित हो जाता है। ठीक उसी प्रकार जिस व्यक्ति का वीर्य शहद के बराबर गाड़ा हो वह अत्यधिक देर तक स्त्री के साथ सम्भोग करता हैै
आज में आप लोगो को एक ऐसा फॉर्मूला बताने जा रहा हूँ जो मेरे दिल के सबसे करीब है।
  • औषधि का वर्णन ,सफ़ेद मूसली ,काली मूसली, स्काकुल मूसली सेमल मूसली ,रुमी मस्तगी, सालम पंजा, पीला शतावर काले कौंच की शुद्ध गिरी ,श्यामा तुलसी बीज, असगन्ध गूलर फल ,मकरध्वज रजत भस्म, मुक्ता भस्म, स्वर्ण भस्म, वज्र भस्म ,शुद्ध अफ़ीमेे ,प्रवाल पिष्टी, चंद्रपुटी ,असली शुद्ध शिलाजीत ,असली केसर 
  • इन सभी औषधि को चूर्ण बनाकर कपड़छान करने के बाद जटामांसी के काढे में मिलाकर 3 बार खूब घोटकर सुखाए।
  • फिर विधारि कंद के रस की 4 भावना दे।भांग के रस में 1 बार घोटे।
  • फिर चने के समान गोली या कैप्सूल बनाए। 1-1 कैप्सूल सुबह शाम ले गर्म दूध से।े इसका सेवन कर्ता कितना भी सम्भोग रचा ले थकता नहीं है।
  • इसका लगातार सेवन करने वाला पूरी रात इश्क की पींघ के हुलारे लेता है।इस दवा का जो भी सेवन कर्ता जिस भी स्त्री से सम्भोग करता है वो सारी उम्र भर उसकी बनके रहेगी।
  • यह दवा सम्भोग शक्ति खोई हुई ताकत जोश जवानी दुबारा लोटा देती है।इसमें पड़ने वाली हर चीज गुणकारी है।
  • इस दवा का सेवन करने से नामर्द भी मर्द बन जाता है। 
  • इस दवा के सेवन से व्यक्ति एक समय में कई स्त्रियों को संतुष्ट कर सकता है।।यह हमारा व् हमारे बुजुर्गो का 101% दावा है।
  • जिन लोगो की बीवी एक से ज्यादा हो उनके लिए यह एक सेक्स का माहशक्ति व् महाकुम्भ में गुम हुए सेक्स को को दोबारा वापिस लाने का एक मंत्र ह जिस पर हमारे बुजुर्गो की पूरी जिंदगी भर की मेहनत लगी है अतः कहना चाहूँगा की सम्भोग के शौकीन के लोगो को इसका सेवन जरूर करना चाहिए।
  • यह दवा थोडा costly है मगर आपने इसका असर देख लिया तो लगाये हुए पैसे भूल जाओगे 101% दावा है।
  • यह दवा हमारे बुजुर्गो व् हमारे द्वारा न जाने कितने ही लोगो पर आजमाई हुई है। इस दवा की जितनी भी तारीफ़ करू कम रहेगी।
  • इस दवा को 70 साल का बुजुर्ग भी सेवन कर सकता है। इसका परिणाम तीसरे ही दिन आपके सामने होगा। हमे कुछ ज्यादा कहने की जरुरत नहीं पड़ेगी। 

सिर्फ 1 मिनट तक अपनी जीभ को तालु से लगाये, ऐसा करने से जो चमत्कार होगा उसकी आपने कभी कल्पना नही की होगी, जरूर पढ़े

सिर्फ 1 मिनट तक अपनी जीभ को तालु से लगाये, ऐसा करने से जो चमत्कार होगा उसकी आपने कभी कल्पना नही की होगी, जरूर पढ़े

यहां हमारे पास बस एक साधारण-सा तरीका है जो कि आपके स्वास्थय के लिए लाभदायक है। आपको बस अपनी जीभ से अपने तालु को छूना है और फिर साँस लेनी है। जिन लोगो को रात में नींद नहीं आती यह उपाय करने से उनको अच्छी नींद आ जाएगी।
ऐसे साँस लेते हुए आपको थोड़ा अजीब लगेगा पर विश्वास करें इस व्यायाम से बहुत लाभ मिलेगा। इसका शक्तिशाली प्रभाव सीधा आपके स्वास्थय पर पड़ेगा।
➡ इसको करने का तरीका :
  • अपनी जीभ की नोक से अपने तालु को छुए और ऐसे ही साँस लें। फिर अच्छी तरह से अपने फेफड़ों की साँस को बाहर निकालें। अपनी नाक से साँस लें फिर चार तक गिने फिर अपनी साँस रोक लें सात तक गिने। एक लंबी साँस ले और अपना मुह साँस से फुला लें फिर आठ की गनती तक मुह से सीटी की आवाज़ निकालें। इस प्रक्रिया को चार बार दोहराएं।
डॉ. एंड्रीयू वैल बतातें हैं कि इस प्रक्रिया को रोज़ाना दो तीन महीनों तक लगातार किया जाए तो शरीरिक किर्या विज्ञानं कि मदद से आपको बहुत से महत्वपूर्ण बदलाव देखनें को मिलेंगे। यह आपके पाचनतंत्र को ठीक करता है ह्रदय की धड़कनों को कम करता है और आपके रक्तचाप को धीमा करता है।
  1. अगर आपको रात में सोने में परेशानी होती है तो यह तरीका आपके लिए लाभदायक रहेगा।
  2. आपको साँस लेने के व्यायाम के लिए किसी भी प्रकार के यंत्र या दवाइयों की ज़रूरत नहीं है।
  3. बस आपको अपनी जीभ और अच्छे से साँस लेनें की योग्यता चाहिए।
  4. यह अदभुत तरीका डॉ.एंड्रीयू वैल के द्वारा खोजा गया है। यह आसान-सा तरीका आपके तांत्रिक तंत्र को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने में मदद करता है।
  5. यह शरीर के तनाव से छुटकारा पाने और आराम करने के लिए मदद करता है।

मधुमेह के रोगी इस पोस्ट को पढने से ना चुके, पोस्ट को शेयर करना ना भूले

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 अनेक रोगियों पर सफलता से आजमायी हुयी शुगर की रामबाण औषधि इन्द्र्जों
शुगर – आज हर घर में इसका मरीज है, कारण क्या है, कारण है हमारी दिनचर्या में परिवर्तन और दूसरा बड़ा कारण है हमारे भोजन में घुस चुकी अशुधियाँ, जिनको हमने तो शुद्ध किया नहीं और आने वाली पीढ़ी को भी यही सौगात देकर मर जाना चाहते हैं तांकि वो भी हमारी तरह डॉक्टरों के चक्कर लगाते रहें. चलिए ये एक अलग विषय है बात करना का. आज हम आपको बताने जा रहें हैं शुगर के लिए आसान उपाय. जिसे एक बार तो हर मरीज को अपनाकर देखना चाहिए.
दोस्तों आज शुगर रोग मानवता के लिए एक नासूर बन गया है एलोपैथी में हजारों रुपए की दवाएं लोग खाते खाते थके जा रहें हैं पुरुष हो या स्त्री दोनों में यह रोग बहुतयात से पाया जाता है. ऐसे में सबसे तीव्र और अनूठे इस शुगर नाशक महायोग को एक बार ज़रूर प्रयोग करें. आइये जाने इस प्रयोग के बारे में.
इस योग के लिए ज़रूरी सामान.
  • इन्द्रजो कडवा 250 ग्राम.
  • बादाम 250 ग्राम.
  • भुने हुए चने 250 ग्राम.
इन्द्र्जों दो प्रकार के होते हैं, पहला है इन्द्र्जों शीरी और दूसरा है इन्द्र्जों तलख या कड़वा, आपको इन्द्र्जों तलख लेना है, जिसका चित्र इस पोस्ट के ऊपर दिखाया गया है, और बाकी सामान आपको किसी भी पंसारी से मिल जायेगा. बादाम लेते समय ध्यान देवें के बादाम अच्छे लेवें, ये भी आज कल कई तरह के आते हैं, किसी किसी में से तो पहले ही तेल निकाल लिया जाता है.
बहुत गड़बड़झाला चल रहा है दुनिया में. कभी कभी अच्छे से अच्छे प्रयोग से रिजल्ट ना मिलना इसके पीछे भी मिलावट या कम गुणवत्ता का सामन ये कारण होता है. भूने हुए चने लेने में ये सावधानी रखनी है के ये छिलके वाले लेने हैं.
यह प्रयोग बेहद चमत्कारी है और अनेकों रोगियों पर आजमाया गया है. आप इस नुस्खे के रिजल्ट का अंदाजा यूं लगा सकते हैं कि अगर इसको उसकी मात्रा से ज्यादा लिया जाए तो शुगर इसके सेवन से लो होने लगती है बादाम को इस वजह से शामिल किया गया यह शुगर रोगी की दुर्बलता कमजोरी सब दूर कर देता है चने को इन्द्रजो की कड़वाहट थोड़ी कम करने के लिए मिलाया गया.
इन्द्र्जों से शुगर का घरेलु नुस्खा बनाने और सेवन की विधि.
तीनों चीजों को अलग अलग कूट लीजिये, थोडा दरदरा पावडर बनाए और कांच के जार में रख लें और खाने के बाद एक चाय वाला चम्मच एक दिन में केवल एक बार खाएं सादे जल से. अगर आप दोस्तों में से कोई शुगर रोग से ग्रस्त हो तो स्वयं इस योग का सेवन कर नया जीवन पायेगा.
अगर कोई आपका अपना शुगर रोगी है तो उसे यह योग शेयर करके नया जीवन गिफ्ट में दीजिए सभी दोस्तों से अनुरोध है कि यह पोस्ट रुकनी नहीं चाहिए, सोशल मीडिया पर इसको वायरल की तरह फैला दीजिये. अधिक से अधिक लोगों को यह योग मालूम हो जाना चाहिये.
ये प्रयोग किन रोगियों पर कामयाब होगा.
ये प्रयोग उन रोगियों पर बेहद असर करेगा जिनको इन्सुलिन नहीं लगती हो, अगर इन्सुलिन लग रही होगी, उन रोगियों पर ये नुस्खा अधिक कारगार नहीं होगा.

सिर्फ दो मिनट और देखिये इस चमत्कारी औषधि का चमत्कार , पोस्ट शेयर करना ना भूले

सिर्फ दो मिनट और देखिये इस चमत्कारी औषधि का चमत्कार , पोस्ट शेयर करना ना भूले

यह चमत्कारिक औषधि मोटापा घटाने, मधुमेह से लड़ने, उच्च रक्तचाप को कम करने और शारीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में बेहद उपयोगी है..!!
आज हम आपको एक ऐसे मिश्रण के बारे में बताएँगे जिस में अविश्वसनीय तौर पे शक्तिशाली तत्वों के गुण हैं , जो आपस में मिल कर एक ऐसा ज़बरदस्त detox बनाते हैं जो रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाता है, शरीर में मेटाबोलिज्म को तेज़ करता है और शरीर को पुनर्जीवित करता है , अधिक चर्बी को पिघलाता है और blood pressure को कम करने में बेहद लाभकारी है
मिश्रण तैयार करने की सामग्री :-2 चमच निम्बू का रस
  • 2 चमच सेब का सिरका
  • 1 चमच शहद
  • 1 चमच दालचीनी
  • 1 कप पानी
मिश्रण तैयार करने की विधि :-
सभी चीजें ले कर ब्लेंडर में अच्छी तरह पीस लें जब अच्छी तरह पिस जाएँ और एक समरुप मिश्रण बन जाये तो इस चमत्कारी मिश्रण को फ्रिज में रख दें , आप इसे पीसने के लिए मिक्सर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं
इस्तेमाल का तरीका :-
  • सुबह खाली पेट थोड़ी सी मात्रा ( एक चमच ) में इसका सेवन करें ,
  • इस चमत्कारी औषधि के रोजाना सेवन से आपको हैरान करने वाले नतीजे देखने को मिलेंगे , आपका मेटाबोलिज्म कई गुना तेज़ को जायेगा, आपका वज़न कम हो जायेगा और इसके नियमित सेवन से आप खुद को मधुमेह जैसी घातक बीमारी से बचा सकते हैं , ये आपके blood pressure को नियंत्रित करेगा |
  • इस औषधि के गज़ब के फायदों का कारण इस में इस्तेमाल किए जाने वाले तत्वों के गुण हैं :-
  • निम्बू का रस ये शरीर को क्षारीय (alkalizes) करता है , blood sugar के स्तर को नियंत्रित करताहै 
  • सेब के सिरके में पाया जाने वाला अकेटिक एसिड (acetic acid) blood pressure को 6% तक कम करता है
  • शहद में एन्ज़य्म (enzymes) होतें हैं जो खाना हजम करने में मदद करते हैं और शरीर में मेटाबोलिज्म को बढ़ा कर वज़न कम करने में सहायता करता है
  • दालचीनी का हमारे शरीर में मेटाबोलिज्म और सम्पूरण सेहत पे बहुत गज़ब का असर पढ़ता है , इसके इलावा इस में anti oxydants भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं 

चाहे कैसा भी जोड़ों का दर्द हो या फिर हड्डियों का दर्द हो, रात को ये उपाय कर लिया तो कभी नही होगा दर्द, जरूर पढ़े

चाहे कैसा भी जोड़ों का दर्द हो या फिर हड्डियों का दर्द हो, रात को ये उपाय कर लिया तो कभी नही होगा दर्द, जरूर पढ़े

आज हम जो बताने जा रहे है उस प्राक्रतिक नुस्खे को अजमाने में जरा भी संकोच न करें और शरीर में जोड़ो, घुटनो और अन्य मांसपेशियों के असहनीय दर्द से छुटकारा पायें। ये एक बहुत ही आसान औषधि है इसे रात को सोने से पहले करे। चाहे कैसा भी जोड़ों का दर्द हो या फिर हड्डियों का दर्द हो ये उपाय कर लिया तो कभी नही होगा दर्द।
➡ आवश्यक सामग्री :
  • 5 सूखे आलूबुखारा
  • 1 सुखी खुबानी
  • 1 सुखी अंजीर
इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है 2 महीने तक सिर्फ सोने से पहले इन को खाए और आपका दर्द प्राक्रतिक तरीके से ख़तम हो जाएगा।
  1. सुखा आलूबुखारा : सूखे आलूबुखारा में पाए जाने वाले जैविक सक्रिय पदार्थ रेडियोथेरेपी या अन्य विकिरण आवरण से होने वाले अस्थि क्षति को रोकने में प्रभावी होते हैं सूखा आलूबुखारा विकिरण से हड्डियों की रक्षा करता है। फाइबर से भरपूर होने के कारण ये कब्ज से छुटकारा दिलाता है और पाचन शक्ति बढ़ता है।
  2. सुखी खुबानी : ये फल antioxidants, potassium, non-heme iron, और dietary fiber का बहुत हे अच्छा स्रोत है। खुबानी में पाए जाने वाले anti oxidants हमारे शरीर में प्रतिरोधक क्षमता , सेल की वृद्धि और आँखों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। Non-heme iron शरीर में iron की कमी को पूरा करता है , जो के संसार में सबसे आम पाई जाने वाली समस्या है।
  3. सुखी अंजीर : इस में फाइबर होता है जो हमारे पाचन तन्त्र को मज़बूत करता है और दिल को सेहतमंद रखने में मदद करता है। फाइबर से कब्ज़ भी ठीक होती है। ये फल कई खनिज पदार्थो से भरपूर होता है जैसे के magnesium, iron, calcium, और potassium. ये खनिज हड्डियों की मजबूती के लिए ज़रूरी होते हैं साथ ही प्रतिरोधक क्षमता और चमडी के लिए भी फायदेमंद होता है। अंजीर शरीर से हानिकारक estrogen को स्वतः ही निकालने में मदद करता है। शरीर में estrogens के ज़यादा मत्रा कई समस्याओं को उत्पन्न करती है जैसे के सर दर्द, uterine और breast cancer भी हो सकता है।

लाख कोशिश करता हु खाता रहता हु लेकिन वज़न नहीं बढ़ रहा , आपको भी यही शिकायत है तो इस पोस्ट को ज़रूर पढ़ें

लाख कोशिश करता हु खाता रहता हु लेकिन वज़न नहीं बढ़ रहा , आपको भी यही शिकायत है तो इस पोस्ट को ज़रूर पढ़ें



लंबाई के हिसाब से वज़न सही होना फ़िज़िकल फ़िटनेस की निशानी है। अगर आपका वज़न लंबाई के हिसाब से कम है तो आप अंडर वेट कहे जाएंगे। आजकल हम अपने आस पास बहुत से ऐसे लोग देखते हैं जो या तो अपना मोटापा कम करना चाहते हैं या फिर अपना वज़न बढ़ाने के तरीके अपना रहे हैं। वज़न बढ़ाना हो या घटाना हो, दोनों काम मुश्किल हैं। दुबलेपन और वज़न कम होने का अर्थ है कि आपका इम्यून सिस्टम पर बाहरी इंफ़ेक्शन का असर जल्दी हो जाएगा। आप जल्दी जल्दी बीमार पड़ेंगे। इसलिए हम आपको वज़न बढ़ाने और मोटा होने के घरेलू उपाय बताते हैं।
आपने पहले पढ़ा है कि वज़न बढ़ाने के लिए क्या खाएं, वज़न बढ़ाने के लिए कौन सा योगासन करें और जिन लोगों को भूख कम लगती है वो मोटा होने के लिए भूख कैसे बढ़ाएँ। इस आलेख में हम पढ़ेंगे कि जल्दी वज़न बढ़ाने और मोटा होने के लिए घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे कौन से अपनाएं।
वज़न कम होने के कारण
वेट बढ़ाने से पहले उन कारणों का पता होना चाहिए जिनसे आपका वेट कम रहता है। ताकि हम समस्या के मूल जड़ को समाप्त करके सही परिणाम पा सकें।
– ख़राब पाचन तंत्र के कारण वज़न कम हो जाता है।
– शरीर में खून की कमी होने पर भी वज़न कम हो सकता है।
– किसी तरह का मानसिक और भाव्यात्मक तनाव भी वज़न कम करने के लिए उत्तरदायी हो सकता है।
– ज़्यादा शारीरिक श्रम या व्यायाम करने से भी व्यक्ति दुबला दिखता है।
– आनुवांशिक और हाइपर थायराइड के कारण भी वज़न घट जाता है।
वज़न बढ़ाने और मोटा होने के आयुर्वेदिक उपाय
1. अंजीर और किशमिश खाएं
6 सूखी अंजीर और 25 ग्राम किशमिश को शाम को पानी में भिगोकर रख दें और अगले दिन 2 बार में इसे खाएं। इस उपाय से आपका वज़न शर्तियां बढ़ेगा।
2. अश्वगंधा का सेवन करे
एक गिलास गुनगुने दूध में 2 छोटे चम्मच अश्वगंधा का चूरन और मक्खन मिलाकर रात को सोने से पहले पिएं। इसे प्रयोग को करने से आपको कुछ दिनों में अंतर स्पष्ट नज़र आने लगेगा। अश्वगंधा चूरन आप बाबा रामदेव की पतांजलि शॉप या पंसारी की दुकान से खरीद सकते हैं। अश्वगंधा से शारीरिक लंबाई भी बढ़ती है।
3. मुलेठी और सतावर का प्रयोग
इम्यून सिस्टम के कमज़ोर होने कारण अगर दुबलापन है और वज़न बढ़ाने में बहुत परेशानी होती है। मुलेठी और सतावर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। जिससे आपका वेट कुछ दिनों में अपने आप बढ़ने लगता है।
4. दूध के साथ आम खाना
1 गिलास दूध के साथ आम खाना वज़न बढ़ाने और मोटा होने के लिए अच्छा उपाय है। इस उपाय को दिन में दो बार और एक महीना लगातार करना चाहिए। आपका वज़न दावे के साथ बढ़ जाएगा।
5. च्यवनप्राश खाएंसिर्फ़ वज़न बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आपको च्यवनप्राश का सेवन करना चाहिए। रोज़ दो चम्मच च्यवनप्राश खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और शरीर को ताकत मिलती है। इसे किसी भी उम्र के महिला और पुरुष दोनों खा सकते हैं।
बिना पेट बढ़ाये वज़न बढ़ाने का तरीक़ा
अक्सर हमने देखा है कि लोग दुबले पतले होते हैं, वो मोटा होने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं और अपने प्रयासों में सफल भी हो जाते हैं। पर उनका पेट बाहर निकलने लगता है फिर उन्हें पेट कम करने के उपाय करने पड़ते हैं।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वेट गेन करने के लिए हम ऐसी चीज़ें खाते हैं जिनसे शरीर में ज़्यादा फ़ैट जमा होता है। लेकिन जाने अंजाने कुछ गलतियां ऐसी होती हैं जिनसे पेट के आसपास के भाग में फ़ैट जमा हो जाता है। इसलिए ज़रूरी है कि मोटा होने के उपाय करने के साथ-साथ योग और एक्सरसाइज़ भी की जाए। जिससे आपके पूरे शरीर का वज़न बढ़े न कि आपके पेट की चर्बी बढ़ जाए।
एक्सरसाइज़ कभी खाली पेट नहीं करनी चाहिए, एक्सरसाइज़ करने से पहले फ़्रूट्स, ड्राई फ़्रूट्स और मिल्क शेक जैसे एनर्जी देने वाली वस्तुओं का सेवन करना चाहिए। इससे हड्डियां मज़बूत होंगी और पेट की चर्बी नहीं बढ़ेगी।
वज़न बढ़ाने के लिए ज़रूरी बातें
मोटा होने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव लाने आवश्यक हैं:
– ज़्यादा कैलोरी वाली वस्तुएं न खाएं पिएं
– चाय, कॉफ़ी की जगह जूस, लस्सी और शेक पिएं
– योग और व्यायाम ज़रूर करें
– टेंशन लेने से बचें
– दूध के साथ केला खाएं और बनाना शेक बना कर पिएं
– पानी अधिक पिएं और फल खाने की आदत डालें
– दूध में अंजीर, खजूर और बादाम उबाल कर खाएं
– जंक फ़ूड से परहेज़ करें
– वज़न बढ़ाने वाली दवाइयां कभी न खाएं
मोटा होने के लिए सही डाइट खानी चाहिए। एक साथ पेट भर कर खाने की जगह दिन में थोड़ा थोड़ा करके कई बार खाना चाहिए। हर दो से तीन घंटे पर प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट वाली वस्तुएं खाते रहें।

इस पेड़ के फल, फूल और तने सभी हैं हितकारी, कैंसर, हार्ट अटैक जैसी 100 से अधिक बीमारियों का काल है इस पेड़ का फल

इस पेड़ के फल, फूल और तने सभी हैं हितकारी, कैंसर, हार्ट अटैक जैसी 100 से अधिक बीमारियों का काल है इस पेड़ का फल

हम सभी केले खाने के फायदों को तो अच्छी तरह से जानते ही है। ये हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी है। लेकिन आप जानते है कि केला का पेड़ एक ऐसा पेड़ होता है। जिसका हर हिस्सा हमारे किसी न किसी काम आ जाता है। केले के फूल, फल और तने भी खाए जाते है। इसकी डिश बहुत ही स्वादिष्ट बनती है। जिसे लोग चाव से खाते है। आप जानते है कि दक्षिण भारत के लोग खाने में प्लेट की जगह इसे इस्तेमाल करते है। इसे ज्यादा शुद्ध माना जाता है। ये हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है।
केले के पत्तों और तनों के साथ इसका फूल भी हमारी सेहत के लिए काफी लाभकारी है। इसे केला का दिल माना जाता है। इसमें अधिक मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, पोटैशियम, कैल्शियम, कॉपर, फॉस्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन ई होता है। जो कि आपकी सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। जानिए इसका सेवन करने से आप किन बीमारियों से निजात मिल जाएगा।
  • कैंसर और हार्ट अटैक से करें बचाव
  • कैंसर और दिल से संबधी कोई भी समस्या हमारे शरीर पर उपस्थित सेलो पर फ्री रैडिकल के हमला करने से होता है। इससे रक्षा केले का फूल अच्छी तरह से कर सकता है। क्योंकि इन फूलों में ऐंटी-ऑक्सिडेंट नामक तत्व पाया जाता है। जो फ्री रैडिकल्स का मुकाबला कर उन्हें बॉडी डैमेज करने से बचाते हैं।
  • खून की कमी को करें पूरा
  • केले के फूल में अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है जो कि हमारे शरीर में जाकर हिमाग्लोबिन की कमी को पूरा करता है। जिससे आपके शरीर पर कभी भी खून की कमी नहीं होती है। 
    पीरियड्स को करें नियंत्रित
  • केले के फूल में ऐसे गुण पाए जाते है जो कि अनियमित पीरियड्स को ठीक करता है। इसके लिए एक कप केले के फूल को दही में पकाकर खाने से शरीर में प्रोजेस्ट्रोन लेवल बढ़ता ह साथ ही पीरियड के समय ज्यादा ब्लीडिंग नहीं होती है।
    शुगर को करें कंट्रोल
  • केले का फूल डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी लाभाकरी है। एक शोध में पाया गया कि इसका सवन करने से इंसुलिन का स्तर कम हो जाता है। जिससे शुगर कंट्रोल में रहती हैं, लेकिन इसे आपकी पूरी तरह से सही नहीं माना गया है।
    पाचन संबधी समस्या को करें दूर
  • केले के फूल खाने में बहुत ही हल्के होते है यानी की इन्हे आप आसानी से पचा सकते है। साथ ही ये पाचन संबंधी समस्या जैसे कि पेट का दर्द, एसिडिटी के कारण सूजन आदि से निजात दिलाते है।
    किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचाए
  • केले के फूल में ऐसे तत्व पाए जाते है जो कि पैथोजेनिक बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोकते हैं। जिससे आपको किसी भी तरह का इंफेक्शन नहीं होता है।
    तनाव को करें कम
  • केले के फूल का सवन करने से आपका मूड सही हो सकता है। क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है। जो कि नैचुरल ऐंटी-डिप्रेसेंट हैं

चूने से लगाएं रोगों को चूना ! आयुर्वेद में चूना के साथ ठीक हो सकती है कई बीमारियाँ, पोस्ट शेयर करना ना भूले

चूने से लगाएं रोगों को चूना ! आयुर्वेद में चूना के साथ ठीक हो सकती है कई बीमारियाँ, पोस्ट शेयर करना ना भूले

चूना क्या होता है-
चूना पत्थर एक अवसादी चट्टान है जो, मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO3) के विभिन्न क्रिस्टलीय रूपों जैसे कि खनिज केल्साइट या एरेगोनाइट से मिलकर बनी होती है। “चूना को यदि सही ढंग से उपयोग में लाया जाए तो इसके द्वारा कठिन से कठिन रोगों का इलाज सम्भव है। तो आइये जानते है क्या है चूना खाने के या चूने के फायदे और कैसे करना है इसका प्रयोग।“
चूना के गुण-
  • चूने के पानी में पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन सी होता है ! यह अनेक रोगों को दूर करने में उपयोगी है – जिनमें प्रदर रोग – यक्ष्मा – कील ~ मुंहासे – कान का दर्द – तिल्ली की वृद्धि – चुन्ने कीड़े – घाव – चेचक शामिल हैं !
  • 30 ग्राम चूने को 70 ग्राम मिश्री के साथ खरल करके आधा किलो पानी में मिलाकर कार्कदार शीशी में भरकर कार्क बंद कर दें ! जब पानी निथर निथर जाए तो 15 – 20 बूंद उस पानी में थोड़ा दूध मिलाकर बच्चे को पिलाने से उदर रोग नष्ट हो जाते हैं !            
  • चूने को नींबू के रस में मिलाकर लगाएं – कुछ ही देर में मकड़ी का जहर उतर जाएगा !
  • कली के 10 – 12 ग्राम चूने में 30 एम.एल. गोमूत्र मिला – फिर उसमें पिघला मोम डालकर मलहम बनाएं, इसे खाज – खुजली और घावों पर लगाने से बहुत लाभ होता है !
  • जरा से चूने में थोड़ा सा शहद मिलाकर कील – मुंहासों पर लगाने से वे शीघ्र ही दूर हो जाते हैं !
  • अगर चाकू आदि से गहरा घाव पड़ गया हो तो चूने को मक्खन और सोंठ के साथ मिलाकर घाव में भरने से खून का बहना बंद हो जाता है और घाव ठीक हो जाता है !
  • कली के 2 रत्ती चूने में तुलसी का रस या शहद मिला चाटने से संग्रहणी रोग में लाभ होता है !
  • कली के 2 रत्ती चूने का सेवन तुलसी के पत्तों के रस – प्याज अथवा लहसुन के रस के साथ करने से अमाशय के विजातीय द्रव्य मल द्वारा बाहर निकल जाते हैं !
  • रुई के फाहे को चूने के पानी में भिगोकर चेचक के व्रण पर रखने से चेचक के गहरे घाव नहीं पड़ते !
  • अजीर्ण के कारण पेशाब रुक गया हो या पीला पड़ गया हो – खट्टी डकारें आती हों और वमन हो – तो दूध में चूने का पानी मिलाकर पिलाने से लाभ होता है !
  • चूने के निथरे हुए पानी में दूध मिलाकर कान में पिचकारी देने से कान का बहना तत्काल रुक जाता है !
  • नीम के पत्तों के रस में 1 रत्ती चूना मिलाकर उसकी 1-2 बूंदें कान में डालने और डंक पर बार – बार लगाने से बिच्छू का विष उतर जाता है !
  • यदि बच्चे की गुदा में चुन्ने कीड़े पड़ गए हों – तो उसके गुदा में चूने के पानी की पिचकारी देने से लाभ होता है !
  • चूने के निथरे हुए पानी में तिल का तेल और शक्कर मिलाकर पिलाने से मूत्र के समय होने वाला कष्ट दूर हो जाता है !                         
  • अम्लपित्त रोग में चूने के निथरे हुए पानी का 2 – 2 चम्मच की मात्रा में सेवन करें, काफी लाभ होगा !
  • चूने को शहद के साथ पीसकर तिल्ली पर लेप करके ऊपर से अंजीर के पत्ते बांधने से तिल्ली की वृद्धि नष्ट हो जाती है !
  • क्षय रोग में थोड़े से दूध में चूने का पानी मिलाकर सुबह – शाम कुछ दिनों तक पिएं, काफी लाभ होगा !
  • यदि किसी भी औषधि से वमन नहीं रुकता हो तो दूध में चूने का निथरा हुआ पानी मिलाकर पिलाने से रुक जाता है !
  • चूने के 20 ग्राम पानी में 100 ग्राम साफ पानी मिलाकर वेजीना को पिचकारी से वाश करने पर श्वेत प्रदर दूर हो जाता है !
  • चूने और शहद को कपड़े पर लगाकर पसली के दर्द वाले स्थान पर रखकर पट्टी बांधने से पसली का दर्द मिट जाता है !
  • जरा से चूने में अलसी का तेल मिलाकर आग से जले हुए स्थान पर लगाएं ! जलन और पीड़ा दूर हो जाएगी !
  • चूने के पानी में गुनगुना दूध और गोंद मिलाकर गुदा में पिचकारी देने से अतिसार का तत्काल निवारण होता है !
  • चूना – सज्जी – तूतिया और सुहागे को पानी में पीसकर शरीर के मस्से पर लगाएं, मस्से कुछ ही दिनों में दूर हो जाएंगे !
  • चूने और नौसादर को मिलाकर सुंघाने से कफ एवं वात का सिर दर्द और हर तरह की बेहोशी दूर हो जाती है !
  • हल्दी एवं खाने वाला चूना मिला लगाकर रात भर छोड़ दें – संभवत: तिल – मस्‍सेे अपने आप ही गिर जाएेगे !
  • (vi– बस मस्‍से के उपर ही लगाये – मस्‍सा गिर जाये उसके बाद एलोवेरा जेल लगा दिया करें – निशान भी हट जायेगा !  

सिर्फ 3 दिन में पाएं शरीर और जोड़ो के दर्द से छुटकारा, पोस्ट शेयर करना ना भूले

सिर्फ 3 दिन में पाएं शरीर और जोड़ो के दर्द से छुटकारा, पोस्ट शेयर करना ना भूले

अक्सर बढती उम्र अपने साथ कुछ बीमारियों को ले आती है जिन में जोड़ो का दर्द आम है | जोड़ो का दर्द कई तरह से अनुभव किया जाता है जैसे के सीढियां चढ़ते समय या कोई भारी काम करते समय| पहले तो जोड़ो के दर्द से बूढ़े लोग परेशान थे लेकिन अब तो यह जवान महिलाओं और पुरषों को भी होने लग गया है|
जोड़ो का दर्द शरीर का एक ऐसा दर्द होता है जिस का वर्णन करना मुश्किल होता है क्यूंकि जिस को यह दर्द होता है उसी को पता होता है |यह बेहद भयंकर दर्द होता है जिससे इंसान के स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है|                
जोड़ो का दर्द किसी भी कारण हो सकता है जैसे के बढती उम्र, जोड़ो में तरल की कमी तथा किसी प्रकार की चोट |आज हम आपके लिए एक ऐसा नुख्सा लेकर आये है जिस के इस्तेमाल से आपके जोड़ो का दर्द मानो छूमंतर हो जायेगा
आवश्यक सामग्री
5-6 गाजर
½ चमच काली मिर्च
2 cm ताजा अदरक का टुकड़ा
½ चम्च हल्दी
बनाने की विधि
गाजर को अच्छी तरह से साफ़ कर लेना है और काट लेना है | उसके बाद अदरक हल्दी और काली मिर्च का पाउडर बना लेना है और इन सब को इक साथ ब्लेंडर में डाल कर ब्लेंड कर लेना है जब तक के यह अच्छी तरह से मिक्स न हो जाये सम्पूर्ण मिश्रण बन जाने के बाद रोजाना तीन बार 50 से 60 ml सेवन करना है लेकिन ध्यान रखे के इस मिश्रण का सेवन खाना खाने के आधा घंटा पहले करे | अगर यह मिश्रण ज्यादा गाढ़ा हो जाये तो आप इसमें जरूरत अनुसार पानी मिला सकते हो |आप को जल्द ही फर्क महसूस होगा |

मलाई है बेहद लाभकारी आज से ही खाएं चेहरे के साथ साथ सेहत भी चमकाएं, पोस्ट शेयर करना ना भूले

मलाई है बेहद लाभकारी आज से ही खाएं चेहरे के साथ साथ सेहत भी चमकाएं, पोस्ट शेयर करना ना भूले

हम मलाई को वजन बढ़ाने वाला पदार्थ मानकर अक्‍सर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि मलाई हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। जी हां, मलाई कैल्शियम के साथ विटामिन-‘ए’, ‘सी’, ‘बी-2’, ‘बी-12’, आयरन, फास्‍फोरस का बहुत अच्‍छा स्रोत है। इसके अलावा इसमे अमीनो एसिड, प्रोटीन, लैक्‍टोज और सुपाच्‍य फैट भी होता है। आइए मलाई के फायदों के बारे में जानते हैं-
  • पाचन क्रिया में सुधार करेमलाई में लैक्टिक फर्मेन्टेशन प्रोबायोटिक होता है, यह सूक्ष्‍मजीव आंतों की समस्याओं को ठीक करने में भी मददगार होता है और यह फायदेमंद सूक्ष्मजीव लाभदायक बैक्टीरिया को बढ़ाने में भी मदद करते हैं, जिससे आपकी पाचन शक्ति बढ़ती है।  
    कैल्शियम का बहुत अच्‍छा स्रोत
  • मलाई कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है। कैल्शियम हमारे शरीर की हड्डि‍यों के लिए बहुत जरूरी होता है। नियमित रूप से आधा कप मलाई का सेवन कैल्शियम की कमी को पूरा करता है। हड्डि‍यों को मजबूत बनाने के साथ-साथ तंत्रिकाओं, मांसपेशियों और दिल के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।
  • खांसी की दवा की तरह इस्‍तेमाल करें
  • आप मलाई को दवाई की तरह भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। जी हां, खांसी की समस्या होने पर आधी कटोरी मलाई में एक चम्मच नारियल का बुरादा, पांच बड़ी इलायची का पाउडर तथा दस काली मिर्च दरदरी पीसकर, धीमी आंच पर गर्म कर लें। सोने से पहले इसे रोगी को गर्म-गर्म ही दें। कुछ दिन इसका सेवन करने से ड्राई खांसी ठीक हो जायेगी।
    ट्रांस फैट से भरपूर
  • यूं तो मलाई में मक्‍खन से ज्‍यादा फैट होता है लेकिन यह फैट प्राकृतिक होता है और इसमें ट्रांस फैट होता है जो शरीर के लिए खतरनाक नहीं होता है। एक आधा कप पूर्ण फैट वाले दूध की मलाई का सेवन करने से शरीर और दिल को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता।
    इम्‍यून सिस्‍टम में मजबूती
  • अगर आप प्रोटीन के स्रोतों की खोज कर रहे हैं तो अपने आहार में मलाई को शामिल करें। यह आपके शरीर को प्रोटीन देता है और इम्‍यून सिस्‍टम को सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए शरीर को दिन-भर चुस्‍त-दुरुस्‍त और ऊर्जावान बनाये रखने के लिए मलाई खायें। 

नीम आयल से हर्निया का नामोनिशान मिट जायेगा ,पोस्ट को शेयर करना ना भूले

नीम आयल से हर्निया का नामोनिशान मिट जायेगा ,पोस्ट को शेयर करना ना भूले

जिस व्यक्ति का अंडकोष बढ़ जाता है बोल चाल की भाषा में उसे हर्निया कहते है । अंडकोष के बढ़ जाने से बहुत ही तकलीफ होती है । यह रोग अनेक कारणों से होता है ।ज्यादतर यह रोग उन्ही लोगो को होता है जो लोग शरीर से मेहनत कम करते है आराम पसन्द होते है ।

ज्यादतर यह रोग सेठ लोगो को होता है ।इसमें आंतो में विस्तार की स्थिति उत्पन्न हो जाती है ।इसे अंडकोष बढ़ने लगते है । इसके बढ़ जाने से असहनीय पीड़ा होता है ।इसके लिए नीम का सेवन करे तो सारा कष्ट दूर हो जाता है ।

प्रयोग विधि :-
नीम की पत्ती 25 ग्राम एवं अमरबेल दोनों को गोमूत्र या बकरी के दूध में पीस कर मल्हम बनाले एवं अंडकोष पर लगाये ।एवं भोजन सादा एवं सुपाच्य ले । लाल मिर्च , तेल , खटाई आदि का सेवन न करे ।
 
इसके साथ ही कब्ज बनाने वाली भोज्य पदार्थो को न खाये क्योंकि कब्ज से वायु बनता है और इसे आतं को कष्ट होता है ।
इस मल्हम के लेप से कुछ ही दिनों में हर्निया ठीक हो जाता है ।

गर्भधारण नहीं हो रहा तो आप इस पोस्ट को पढने से ना चूके और शेयर ज़रूर करें ताकि और लोग भी फायदा उठा सकें

गर्भधारण नहीं हो रहा तो आप इस पोस्ट को पढने से ना चूके और शेयर ज़रूर करें ताकि और लोग भी फायदा उठा सकें

गर्भधारण न हो पाना एक समस्या बनी हुई है जिसकी वजह से शादीशुदा जिंदगी दुर्भर होने लगती है। समाज के ताने सुनने पड़ते हैं जैसी कई बातों का सामना नव विवाहित जोड़ों को करना पड़ता है।

आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी, समय का आभाव, उचित खान पान पर ध्यान न देना कई वजह एैसी है जिससे शादीशुदा जिंदगी में तनाव आने लगता है। आइए  आपको गर्भधारण न हो पाने की समस्या से अवगत करवाते हैं और इसके उपचार के तरीकों को भी इस लेख के माध्यम से बताते हैं।

समस्या
1.पुरुषों में शुक्राणुओं का प्रयाप्त मात्रा में न बन पाना, इसका मतलब यह होता है की पुरुष में आवश्यकता से कम शुक्राणु होना यानी इनफरटिलिटि, और दूसरा कारण  पुरुषों में प्रयाप्त मात्रा में शुक्राणु तो हाते हैं लेकिन स्त्री के अंडाणुओं तक प्रयाप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाते।
2. उम्र का अधिक होना भी एक प्रमुख कारण होता है स्त्रीयों का 30 वर्ष या इससे अधिक उम्र का होना जिसमें उनका गर्भधारण करने का संयोग कम अथवा न के बराबर हो जाता है। 
3.स्त्रीयों की योनी का फैलाव होना यानी वीर्य का योनी से बाहर निकलना जिससे सन्तान नहीं हो पाती ।
4. शीघ्रपतन में पुरुष का वीर्य पहले की झड जाता है उस समय स्त्री के गर्भशाय की नली का छेद चिकना नहीं हुआ होता और गर्भ नहीं ठहर पाता ।
5. अत्याधिक दवाइयों का सेवन करना भी एक बड़ी बाधा है चिकित्सक की सलह पर ही दवाइयों का प्रयोग करें ।
6. तनाव यानी डिप्रेशन का होना भी एक प्रमुख समस्या है।
7. पुरुषों में लिंग के टेढ़ेपन की समस्या होना भी एक कारण है।
8. गर्भाशय नली का शुष्क होना।

उपचार
1. शीध्रपतन को दूर करने के लिए दूध में सोंठ उबालकर रात को सोने से पहले पीयें।
2. लिंग में टेढ़ेपन की समस्या को दूर करने के लिए तिल के तेल में लहसुन पकाकर पुरुष प्रतिदिन लिंग की मालिश करें ।
3. यदि मासिकधर्म में कोई दोष उत्पनन हो तो चावल और मछली का सेवन करे ।
4. योनि के फैलाव को रोकने के लिए भांग के पत्तों को पीसकर उसे बारीक बनायें और पतले कपड़े में एक छोटी सी पोटली बनाकर योनी में 20 दिनों तक प्रति रात रखें ।
5. गर्भ की स्थिरता के लिए शंख भस्म को गर्म दूध के साथ मिलाकर पीयें ।
6. शुक्राणु यदि दुर्बल हैं या पतले है तो दूध में बकरे का अंडकोष को पकाकर 21 दिनों तक पीयें ।
उपरोक्त उपचार करने से पहले अपने चिकित्सक से भी परामर्श अवश्य लें।

मंगलवार, 15 नवंबर 2016

आज जो बताने जा रहे है वो जरूर पढ़े क्योंकि स्वयं के नाख़ून देखने से आप जान जाओगे की कौन सा रोग है, शेयर जरूर करे

आज जो बताने जा रहे है वो जरूर पढ़े क्योंकि स्वयं के नाख़ून देखने से आप जान जाओगे की कौन सा रोग है, शेयर जरूर करे

➡ नाख़ून देखने से रोगों का पता लगाएँ :
  • हाथ और पैर में नाख़ून सिर्फ हाथ पैर की खूबसूरती नहीं बढ़ाते बल्कि शरीर में होने वाले रोग की भी जानकारी देते हैं. प्राचीन समय में जब बीमारी की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं होती थी, तब हकीम और वैद्य सबसे पहले हाथ के नाखूनों के रंगों को देखकर बीमारी के बारे में बताते थे। नाखूनों से जुड़े चिकित्सा विज्ञान का इतिहास काफी पुराना है।
  • आयुर्वेद और होमियोपैथी में आज भी विशेषज्ञ स्वास्थ्य की जांच के समय नाखूनों के रंग को देखते हैं. विशेषज्ञों का कहना है की जब किसी इंसान को कोई बिमारी होती है तो उसके नाख़ून का रंग भी बदल जाता है। 
➡ नाख़ून के रंग बदलने से कौन कौन सी बीमारियाँ हो सकती है, आइये जाने :
  1. भंगुर नाख़ून : अगर आपके नाख़ून आसानी से टूटे तो इसका मतलब आपको थायराइड की समस्या है या हो सकती है। नाख़ून में दरार पड़ना चरम रोग की निशानी होती है।
  2. सफ़ेद लाईन नाख़ून : नाख़ून में सफ़ेद लाइन किडनी की बिमारी और न्यूट्रीशन, प्रोटीन की कमी से लीवर संबधित रोग का संकेत देती है। ★ आडी लाईन : नाख़ून पर सीधी खड़ी लाईन मेलानोमा या स्किन केंसर का संकेत देता है। ★ सीधी खड़ी लाईन : नाख़ून पर सीधी खड़ी लाईन मेलानोमा या स्किन केंसर का संकेत देता है।
  3. पीले नाखून : फंगल इन्फेक्शन के कारण पूरा नाखून ही पीला हो जाता है.
  4. फंगस नाख़ून के तले, मैट्रिक्स या प्लेट को इन्फेक्ट करता है. हाथ और पैर के नाख़ून हल्के पीले रंग के और कमजोर नाखून अनीमिया, हृदय संबंधी परेशानी, कुपोषण व लिवर रोगों होने की सम्भावना होती है. फंगल संक्रमण के कारण नाखूनों में दर्द, बेचैनी और सौन्दर्य सम्बंधित चिंताओं के अलावा रोज़ाना की ज़िन्दगी पर भी असर पड़ सकता है। कई बार पीलिया, थाइरॉएड, मधुमेह और सिरोसिस में भी ऐसा हो जाता है. नाखून पीले व मोटे हैं और धीमी गति से बढ़ रहे हैं तो यह फेफड़े संबंधी रोगों का संकेत हो सकता है।
  5. सफेद नाखून : नाखूनों पर सफेद धब्बे नजर आये या पूरे सफेद दिखाई देता हैं तो लिवर रोगों के अलावा हृदय व आंत के रोग हो सकती है।
  6. उभरे हुए नाखून : यदि नाख़ून बाहर और आसपास की त्वचा का उभरा हो तो हृदय समस्याओं के अतिरिक्त फेफड़े व आंतों में सूजन हो सकती है।
  7. अंदर मुड़े नाख़ून : अंदर की तरफ मुड़े हुए नाख़ून ल्यूकेमिया, ब्लड, और आयरन की कमी होने का संकेत देता है।
  8. चम्मच की तरह नाखून : खून की कमी के अलावा आनुवंशिक रोग, ट्रॉमा की स्थिति में भी नाखूनों का आकार चम्मच की तरह हो जाता है और नाखून बाहर की ओर मुड़ जाते हैं।
  9. नाख़ून के आसपास शुष्क चमड़ी : नाख़ून के आसपास की चमड़ी शुष्क होना शरीर में पानी की कमी का संकेत देता हैं.
  10. नीले नाखून : शरीर में ऑक्सीजन का संचार ठीक प्रकार से न होने पर नाखूनों का रंग नीला होने लगता है साँस और ह्रदय से जुड़ी बीमारीयां, फेफड़ों में संक्रमण, निमोनिया या दिल के रोगों की ओर भी संकेत करता है।
  11. आधे सफेद और आधे गुलाबी नाखून : नाखूनों का रंग अचानक आधा गुलाबी व आधा सफेद दिखाई दे तो गुर्दे के रोग व सिरोसिस की समस्या हो सकती है।
  12. लाल व जामुनी रंग : नाखूनों का गहरा लाल रंग हाई ब्लड प्रेशर का संकेत देता है, जबकि जामुनी रंग के नाखून लो ब्लड प्रेशर का संकेत देते हैं।

राजमा खाने से होते है ये 17 बेहतरीन फायदे जो कैंसर, माइग्रेन, मोटापा, मधुमेह, हाइपरटेंशन के रोगियों के लिए वरदान है, जरूर अपनाएँ

राजमा खाने से होते है ये 17 बेहतरीन फायदे जो कैंसर, माइग्रेन, मोटापा, मधुमेह, हाइपरटेंशन के रोगियों के लिए वरदान है, जरूर अपनाएँ

➡ राजमा खाना मतलब स्वस्थ रहना :
  • भारत में राजमा चावल के तो लोग दीवाने होते है। टेस्ट के साथ साथ ये स्वास्थ के लिए भी अच्छा है। इसे खाने से शरीर पुष्ट रहता है। कहते है सोया उत्पादों में प्रोटीन अधिक होता है, लेकिन मैं आपको बता दूँ राजमा  प्रोटीन की खान है, इसमें सोया उत्पाद से भी अधिक प्रोटीन है। राजमा खाने में स्वादिष्ट लगने के साथ ही यह सेहत का भी खजाना है। दिल और दिमाग की सेहत बनी रहने के अलावा राजमा के सेवन से शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है।
  • राजमा या Red Kidney Beans बच्चों को जरुर खिलाना चाहिए क्यूंकि इसमें सभी तरह के पोषक तत्व होते है जो बच्चों की बढ़ती की उम्र में बहुत जरुरी होते है, ये स्वादिष्ट नरम होता है जिसे बच्चे आसानी से चबा सकते है. इसे आप ग्रेवी वाली सब्जी के अलावा सलाद, सूप, पराठे व मिक्स वेज के रूप में भी अपने घर वालों को खिला सकती है, हर बार कुछ अलग बनाने से आपके घर वाले बोर नहीं होंगें व स्वाद लेकर खायेंगें लेकिन ध्यान रखें राजमा अच्छी तरह पका हुआ होना चाहिये नहीं तो ये पेट दर्द का कारण बन सकता है।

➡ राजमा के 17 बेहतरीन फायदे :
  1. मस्तिष्क के लिए असरदार : राजमा खाने से दिमाग को बहुत फायदा होता है. इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन ‘के’ पाया जाता है. जोकि नर्वस सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है. साथ ही ये विटामिन ‘बी’ का भी अच्छा स्त्रोत है, जोकि मस्तिष्क की कोशिकाओं के लिए बहुत जरूरी है. ये दिमाग को पोषित करने का काम करता है।
  2. ताकत का स्रोत : राजमा में उच्च मात्रा में आयरन मौजूद होता है, जिस वजह से ये ताकत देने का काम करता है। शरीर के मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा के लिए आयरन की जरूरत होती है, जो राजमा खाने से पूरी हो जाती है. साथ ही ये शरीर में ऑक्सीजन के सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है।
  3. पाचन क्रिया में सहायक : राजमा में उच्च मात्रा में फाइबर होते हैं. जो पाचन क्रिया को सही बनाए रखते हैं। साथ ही ये ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित रखने में मददगार होता है।
  4. माइग्रेन की प्रॉब्लम खत्म करता है : इसमें मौजूद फोलेट की मात्रा दिमाग के काम करने की क्षमता को बढ़ाने के साथ ही उसे दुरुस्त भी रखती है। मैग्नीशियम की मात्रा माइग्रेन जैसी गंभीर समस्या में राहत दिलाती है। हफ्ते में एक बार इसका सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है।
  5. कैंसर से बचाव : राजमा में मौजूद मैंगनीज़, एंटी-ऑक्सीडेंट का काम करता है। यह फ्री रैडिकल्स को डैमेज होने से रोकता है। इसके साथ इसमें मौजूद विटामिन के की मात्रा सेल्स को बाहरी नुकसानदायक चीजों से बचाती है जो कैंसर का मुख्य कारण होते हैं।
  6. कैलोरी की प्राप्ति : राजमा में जिस मात्रा में कैलोरी मौजूद होती है वो हर आयु वर्ग के लिए सही होती है। आप चाहें तो इसे करी के अलावा सलाद और सूप के रूप में भी ले सकते हैं। ऐसे लोग जो अपने वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं उनके लिए लंच में राजमा का सलाद और सूप लेना फायदेमंद रहेगा।
  7. नर्वस सिस्टम के लिए अच्छा : विटामिन के की पर्याप्त मात्रा ब्रेन के साथ ही नर्वस सिस्टम के लिए भी बहुत ही फायदेमंद होती है। राजमा में मौजूद थियामिन की मात्रा दिमाग की क्षमता बढ़ाती है। इससे अल्जाइमर जैसी बीमारी दूर रहती है और याददाश्त भी बढ़ती है।
  8. शरीर की सफाई : राजमा खाने से शरीर के अंदर मौजूद गंदगी बाहर निकलती है, क्योंकि इसमें मॉलिबडेनम पाया जाता है जिसका काम बॉडी को डिटॉक्सीफाई करना है। साथ ही कई प्रकार की एलर्जी को दूर करने के साथ ही सिरदर्द जैसी समस्या को भी कम करता है।
  9. फाइबर की उचित मात्रा : राजमा में उच्च मात्रा में फाइबर होते हैं। जो पाचन क्रिया को सही बनाए रखते हैं। साथ ही ये ब्लड शुगर के स्तर को भी नियंत्रित रखने में मददगार होता है।
  10. इम्यून सिस्टम मज़बूत बनाएं : राजमा में सिर्फ फाइबर और प्रोटीन ही नहीं होता बल्कि काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यून सिस्टम को बढ़ाते हैं और फ्री रेडिकल्स से इसे मुक्त रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि एंटीऑक्सीडेंट्स में एंटी-एजिंग तत्व भी पाए जाते हैं।
  11. ब्लड शुगर में कण्ट्रोल : राजमा में घुलनशील फाइबर पाए जाते हैं, जो शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को कम करते हैं। राजमा  प्रोटीन का भी बहुत अच्छा स्रोत होता है। ये दोनों ही मिलकर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करते हैं।
  12. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण : राजमा में उच्च मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है। साथ ही ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करने का काम करता है। मैग्नीशियम की मात्रा दिल से जुड़ी बीमारियों से लड़ने में भी सहायक होती है।
  13. हाइपरटेंशन कम करने में सहायक : राजमा पोटाशियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। साथ ही इसमें फाइबर और प्रोटीन भी पाया जाता है। ये सभी दिल की सेहत के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व माने जाते हैं। पोटाशियम और मैग्नीशियम रक्त वाहिकाओं में घुल जाते हैं जिससे कि ब्लड फ्लो आसान हो जाता है।
  14. एनर्जी : आयरन की भरपूर मात्रा लिए राजमा बॉडी को एनर्जी भी प्रदान करती है। इसके अलावा मैंगनीज़ की मौजूदगी भी मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करके एनर्जी बढ़ाने का काम करती है।
  15. हड्डियों की मजबूती के लिए : कमजोर हड्डियां ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी का कारण होती हैं। मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम और मैंगनीज़ की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है जिसे राजमा खाकर पूरा किया जा सकता है। इसके साथ ही राजमा में फोलेट की मौजूदगी होमोसिस्टीन लेवल को कंट्रोल करती है, जो हड्डियों के टूटने की मुख्य वजह है।
  16. वजन घटाने में सहायक : वजन घटाने के तमाम प्रयासों से हार मान चुके हैं, तो हरी सब्जी बीन्स का सहारा लें। बीन्स से बने उत्पादों का सेवन करके आप अपना मोटापा घटा सकते हैं। बीन्स का इस्तेमाल आप किसी भी तरह कर सकते हैं। वजन नियंत्रित करना-बीन्स में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है, प्रति कप में 10 ग्राम। मोटे या आवश्यकता से अधिक वजन वाले लोग जो कम कैलोरी, उच्च प्रोटीन, उच्च फाइबर युक्त आहार लेते हैं, उनका वजन उन लोगों की तुलना में कम होता है जो नियमित तौर पर नियंत्रित मात्रा में कैलोरी, उच्च कार्बोहाइड्रेट और कम फैट वाला आहार लेते हैं।पोषक तत्त्वों से भरपूर-फल तथा सब्जियों की तरह बीन्स भी पोषक तत्त्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है इसका अर्थ यह है कि इसमें शरीर की प्रक्रिया के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्त्व उपस्थित होते हैं तथा साथ ही साथ इसमें कैलोरी भी कम होती है। साथ ही साथ कॉपर आयरन के साथ मिलकर लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। इसके अलावा कॉपर रक्तप्रवाह, प्रतिरक्षा प्रणाली, तथा हड्डियों को स्वस्थ तथा संतुलित रखता है। फास्फोरस तथा मैग्नीशियम शक्तिशाली हड्डियों के लिए आवश्यक हैं तथा मैग्नीशियम के साथ पौटेशियम रक्त के दबाव के स्तर को नियंत्रित रखता है।आपके पेट को भरा रखता है-इसमें प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता है, जिसके कारण यह एक ऐसा स्नैक है जो आपके पेट को भरा रखता है जिससे आप खाने की और आकर्षित नहीं होते। 
  17. मधुमेह के लिए लाभप्रद : बीन्स का ‘ग्लाइसेमिक इन्डेक्स’ कम होता है इसका अभिप्राय यह है कि जिस तरह से अन्य भोज्य पदार्थों से रक्त में शक्कर का स्तर बढ़ जाता है, बीन्स खाने के बाद ऐसा नहीं होता। बीन्स में मौजूद फाइबर रक्त में शक्कर का स्तर बनाए रखने में मदद करते हैं। और बीन्स की इस ख़ासियत की वजह से मधुमेह के रोगियों को बीन्स खाने की सलाह देते हैं। ऐसे उदाहरण भी हैं कि बीन्स का ज़ूस शरीर में इन्सुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देता है। इस वजह से जिन्हें मधुमेह है या मधुमेह का खतरा है उनके लिये बीन्स खाना बहुत लाभदायक है। बीन्स का ज़ूस उत्तेजक ( स्टिम्युलेंट) होता है इसकी इसी प्रकृति के कारण यह उन लोगों को बहुत फ़ायदा करता है जो लंबी बीमारी से जूझ रहे हैं या जो बीमारी पश्चात पूर्ण स्वास्थ्य लाभ चाहते हैं। बीन्स का 150 मिली ज़ूस हर रोज़ पीना आपके इस उद्देश्य को भली-भाँति पूरा कर देगा। फ्रेंच बीन्स किडनी से संबंधित बीमारियों में भी काफी फ़ायदेमंद है। किडनी में पथरी की समस्या हो तब आप यह नुस्खा अपनाएँ। आप 60 ग्राम बीन्स की पौध लेकर इसे चार लीटर पानी में चार घंटे तक उबाल लें। फिर इसके पानी को कपड़े से छान लें और छने हुए पानी को करीब आठ घंटे तक ठंडा होने के लिए रख दें। अब इसे फिर से छान लें पर ध्यान रखें कि इस बार इस पानी को बिना हिलाए छानना है। इसे दिन में दो-दो घंटे से पीयें, यह नियम एक हफ्ते तक दोहराएँ। इसके परिणाम आशानुरूप मिलेंगे।
  18. राजमा में भरपूर मात्रा में आयरन होता है। आयरन शरीर का मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा बढ़ाने का मुख्य सोर्स होता है। इससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन का सर्कुलेशन भी काफी बढ़ जाता है। इसलिए व्यक्ति खुद को ऊर्जावान महसूस करता है। राजमा को आप आज से ही हफ्ते में एक बार खाने की आदत डालें।

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